एक गुजारिश

भाईयो मै आप सब से ईस पोस्ट के माध्यम से अपने दिल की बात रखना चाहता हू मै एक सामान्य ईसान हूँ और ध्यान के माध्यम से मैने गहरी शाँति की अवस्था का अनुभव प्राप्त किया है मै कोई दिव्य आत्मा नही बल्कि एक आम ईँसान हूँ पर मैने अपना एक लक्ष्य रखा की सदा सदा के लिये दुखो से मुक्त होना है पीडा दुख दर्द सभी अनुभव करते है मै सोचता था की खूब पैसे आ जायेँगे तो मै दुखो से मुक्त हो जाऊँगा पर मैने देखा की ज्यादा पैसे वाले लोग भी दुखी है मैने लोगो को कहते सुना की शादी कर लेने पर जीवन बदल जाता है पर मैने फिर देखा की शादी के बाद तो जीवन और उलझ गया शादी करने वाले लोग भी दुख से मुक्त ना हो पाये , मै मार्ग खोजता रहा और फिर भगवान बुद्ध का जीवन दर्शन देखा तब जाना की दुखो से सदा के लिये परे होने का मार्ग ध्यान का मार्ग है मध्यम मार्ग है परिवार मे रहो पर ध्यान मार्ग मे आ जाओ

मुझे ध्यान मे आये ज्यादा समय नही हुआ पर मै एक ऐसा मार्ग की तलाश मे था की जिसका लाभ आम ईसाँन भी उठाकर परम शाँति को उपलब्ध हो जाये और खोजते खोजते आनापानसति ध्यान मुझे ईश्वर ने दे दिया भगवान बुद्ध ने मानव मात्र की भलाई के लिये ये ध्यान विधि खोजी प्रदान की आज से पच्चीस सौ साल पहले और जितने लोग आनापानसति से परम शाँति को उपलब्ध हुये उतने अन्य विधि से नही

आप जगह जगह मत भटकिये मै निश्चय करके प्रमाण के साथ आप को ये कह सकता हूँ की ये मानव जनम अनमोल है आप को ईसी जनम मे परम शाँति प्राप्त कर लेनी चाहिये सदा सदा के लिये दुखो से परे हो जाना चाहिये मुझे रोज ध्यान करने पर नये नये अनुभव होते है और मेरे ध्यान अनुभवो ने मेरा जीवन बदल रहा है नजरिया बदल रहा है मै रोज रोज अब अपने अनुभव नही बताना चाहता क्योकि कुछ लोग मात्र कौतुहल के लिये पढे और ध्यान को न अपनाये तो क्या फायदा और आपका जीवन आपके ध्यान अनुभवो से बदलेगा ,मेरे अनुभव बस आप को थोडी हिम्मत और प्रेरणा दे उतना भर काम मैने कर दिया है ईस कारण मैने बस अपनी बात रखी है मैने कुछ दिन पहले आनापानसति ध्यान का विधि और स्पष्ट करके समझा दिया है एक महीना भी बहुत है आप को दस दिन मे बदलाव दिखने लगेँगे पर विधि समझ ले शाँत शाँत बिल्कुल शाँत बैठो साँस भी मत लो वो खुद चलेगी अँदर आयेगा जायेगा बस देखो उसे आते जाते एकदम दृष्टा की तरह आप की सहज साँस कोमल लय युक्त और धीमी होती है जबरदस्ती मत किजिये प्राकृतिक श्वास के साथ जब मन एक होगा तो मन विचारो से खाली होता जायेगा मन शून्य होगा तो बह्मरँध्र खुल जायेगा और कास्मिक ऊर्जा मिलने लगेगा जितना ध्यान करते जाओगे मन पूर्ण खाली हो जायेगा तो ऊर्जा बहुत जबरद्स्त और ज्यादा आयेगा आप को नीँद की आवश्यकता और खाने पीने की भी जरुरत कम हो जायेगा आप लगातार काम करने पर भी थकोगे नही आप ईतनी गहरी शाँति मे चले जाओगे की आप का दिल दया और करुणा से भर जायेगा आप को कोई दुख विचलित ना करेगा जैसा गीता मे भगवान कृष्ण बोले की हे अर्जुन परम शाँति को प्राप्त पुरुष भारी से भारी दुख से भी विचलित नी होता वो सम दर्शी हो जाता है आप के शरीर के एक एक रोग कष्ट दूर हो जायेँगा जब काफी ऊर्जा आ जायेगा तो दिव्य दृष्टि प्राप्त हो जायेगा आप अपने पिछले जनमो को देख पायेँगे और जान लेँगे कि आखिर क्यो ये जनम लिया और ज्यादा ध्यान से आपका सूक्ष्म शरीर भी सूक्ष्म यात्राये करने लगेगा आप को सिद्ध लोग का मागदर्शन प्राप्त होने लगेगा आप ईन सब से ये जान लोगे की आप आत्मा को आप अनँन्त हो आप ईश्वर के अँश हो आप सदा सदा के लिये दुखो से परे हो जाओगे
मानव जनम अनमोल है और मार्ग भी मिल गया अब चल पढिये मत भटकिये ईस ध्यान मे कुछ भी गलत नी होगा जो होगा आप के लिये हितकारी होगा सभी प्रकार के योगीयो महात्माओ रीषियो ने मिलकर मानव मात्र के लिये ये मार्ग दिया आप भरपूर लाभ उठाईये

 अनमोल प्रेम

onkar kumar
I am a software enginner in an MNC with deep interest in spiritual stuffs . I have knowledge of healing such as Reiki , Prana voilet healing , Crystal healing etc .
I am Reiki Grand master , love meditation and inspire everyone to experience peaceful and blissful life .
It would be awesome if you would share your knowledge and experience . Thank you .