होरा शास्त्र एवं होरा मुहूर्त

hora

उत्तर भारत में चौघड़िया, मिथिला एवं बंगाल में यामार्ध दक्षिण भारत में राहुकाल को देखकर ही शुभ कार्य करने की प्रथा है। भारतीय ज्योतिष में होरा चक्र का बहुत महत्व है.. ज्योतिष ग्रंथों में वर्णन निम्न  श्लोक द्वारा लिखित भी है.. “अर्थार्जने सहाय:पुरुषाणामापदर्णवे पोत:, यात्रा समये मन्त्री जातकमहापाय नास्त्यपर:” ॥                      ………………सारावली अर्थात:- मनुष्यों को … Read more