दीपक त्राटक में क्या सावधानियां रखनी चाहिए ?

QuestionsCategory: Tratakदीपक त्राटक में क्या सावधानियां रखनी चाहिए ?
Anonymous asked 2 years ago

दीपक त्राटक में क्या क्या सावधानियां रखनी चाहिए जिससे की आखो पे बुरा असर ना पड़े |

3 Answers
Best Answer
Anonymous answered 2 years ago

हर जगह ये वर्णन मिलता है कि त्राटक के लिये आखों को लगातार खुला रखना पडता है यानि कि पलकों को झपकाना नही है। ये गलत है। यदि हम आंखों को जबरदस्‍ती खुला रखेंगे तो आंखों की नमी सूख जाती है और आखे खराब हो जाती है। जिस प्रकार हम टीवी देखते है या किताब पढते है उसी प्रकार सामान्‍य तरीके से त्राटक करना है। चाहे कोई त्राटक हो। पलकों पर ध्‍यान ही नही देना है। बस ध्‍यान से वस्‍तु को देखना है। इसमें आखों का कोई महतव नही है। जब हम किसी चीज को ध्‍यान से देखते है तो हमारा मन शांत होने लगता है। बस हमको यही ध्‍यान रखना है कि जब हमारा मन भागने लगे तो उसको फिर वही ले आये।
दूसरा भ्रम ये है कि हमको तीन फिट की दूरी से ही त्राटक करना है। ये नियम त्राटक की वजह से आंखे खराब करने का मुख्‍य कारण है। हमारी आंखे भी कैमरे के लेंस की तरह से काम करती है। इसका लेंस प्रकाश की मात्रा व देखी जाने वाली चीज की दूरी के अनुसार अपने आपको एडजस्‍ट करता रहता है। और आंख के अंदर वस्‍तु का सही फोकस बनता है। जब हम किसी निश्चित दूरी से ही बार बार चीज को देखते है तो एक ही स्‍थान पर फोकस रूका रहने की वजह से लेंस को एडजस्‍ट करने वाली आंख की नसे अकड जाती है जकड जाती है इसी वजह से आंख का लेंस अपना एडजस्‍टमेण्‍ट खो देता है और नजर कमजोर होकर आदमी को चश्‍मा लग जाता है ओर वाे कहता है कि त्राटक से आंखे खराब हो गयी। दिन में बीस घण्‍टे टी वी देखने से आंखे नही खराब होती तो आधे घण्‍टे के त्राटक से आंखे खराब होने का क्‍या कारण है। इसका कारण हमारी यही दोनों बेवकूफिया है। क्‍या हम टीवी को हमेशा निश्चित दूरी से देखते है। क्‍या हम टी वी को बिना पलक झपकाये देखते है। नही। तो फिर त्राटक में ये नियम क्‍यों।
हमको किसी भी त्राटक के साथ दूर की चीजों पर भी त्राटक करते रहना चाहिये। जैसे कि दूर स्थित मकान मोबाइल टावर चांद तारा बादल आदि। इस दशा में त्राटक करने पर हमारी दूर की नजर भी सही रहती है और पास की भी। यदि निश्चित दूरी पर नजर जमाई जाये तो आंखे खराब होना निश्चित है। अलग अलग दूरी की चीजों पर त्राटक करते रहिये। जिससे कि आंखे के लेंसे की फलेक्सिबिलिटी बनी रहेगी और आंखे खराब नही होंगी।
त्राटक के बाद थोडी देर शांति से बैठ कर आंखों को ठंडा होने दे। फिर आखों पर हथेलियों रखें और उसके अंदर आंखों को खोले। उसके अंदर दिखने वाले अंधेरे को देखिये। फिर मुह में पानी भर कर आंखों पर पानी के छींटे मारिये। इससे आखेा की गरमी व तनाव निकल जायेगा ओर उनमें ताजगी आ जायेगी।
रात मे अंधेरे में भी ध्‍यान से देखने की कोशिश करे। अंधेरे में देखने पर हमारी आंख का लेंस पूरी तरह फैल जाता है। इस तरह से यदि आंखे थोडी बहुत खराब भी है तो उनकी नसों की लचक फिर से वापस आ जायेंगी ओर आंखे सही हो जायेगी। ध्‍यान रखे कि कमरे में एकदम अंधेरा हो।
 

spiritual world answered 1 year ago

look out spiritual world-meditation and tratak for best tratak guide with experience. also meditation and other experience of spritual world

Nd answered 9 months ago

आखे बंद कर त्राटक करने से भविष्य दर्शन मे कितने समय मे सफलता मिलेगी

Your Answer

18 + 16 =