रेकी का आवाहन प्रार्थना ( Reiki Prayer )

reiki Prayer
रेकी का किसी धार्मिक संस्था या विचारधारा से उद्गम नहीं है | हिन्दू धर्म में शक्ति की पूजा प्रचलित है और हम शक्ति की साकार और निराकार रूप में साधना करते हैं | ये शक्ति कण कण में विराजमान है या ऐसा कहें की सब शक्ति का ही रूप है कुछ अदृश्य है तो कुछ संघनित होने से पदार्थ के रूप में है | इसीलिए देखा जाए तो बस ऊर्जा ही है और कुछ नहीं | पर यहाँ पे ध्यान देना होगा की चेतना थोडा अलग है , अगर उर्जा के साथ कोई ख़ास भावना जुडी हो तो वो चैतन्य होकर विशिष्ट कार्य को संपन्न करती है | शक्ति की जो साधना होती है वो बस उर्जा की नहीं है बल्कि चैतन्य उर्जा की है | खैर इसपर बात करने से काफी लम्बा चौड़ा विवेचन हो जाएगा , यहाँ हमारा उद्देश्य है रेकी की चेतना और उर्जा का आवाहन करना | ये इश्वर ही है जिनका हम रेकी के रूप में आवाहन करते हैं | रेकी अभ्यासी को ये पता है की जब हम चिकित्सा करते हैं तो ये उर्जा किस तरह खुद ब खुद परेशानियो के जड़ को ठीक करता है , रेकी को पता है की कहाँ काम करना है , अभ्यासी तो बस माध्यम हैं और कुछ नहीं | इसीलिए सेशन के अंत में रेकी का धन्यवाद करते हैं , आभार व्यक्त करते हैं |

ये भी पता होना चाहिए की रेकी हमारे ह्रदय चक्र को खोल कर को प्रेम से भर देता है और भावनात्मक रूप से हमसे जुड़ा होता है | अगर हम सोचें की रेकी चालू हो तो वो चालू हो जाएगा ठीक वैसे ही जैसे की स्विच को दबाते ही बिजली का प्रवाह बल्ब तक पहुचने लगता है | हमारा ह्रदय चक्र जितना खुलेगा रेकी का प्रवाह उतना तेज होगा , इसके लिए हमें ये समझना होगा की जो भी परमात्मा ने दिया है उसे स्वीकार किया जाए , उसके लिए उसका आभार व्यक्त किया जाए | अपने कर्मो को स्वीकार करना चाहिए | अध्यात्म के मार्ग में आगे बढ़ने के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण है बात है – स्वीकार करना , आभारी होना | इसीलिए रेकी शुरू करने से पहले हम एक प्रार्थना करते हैं और ये मेरा अनुभव है की उसके बाद रेकी तुरंत चालू हो जाता है हमारा उद्धार करने के लिए |

रेकी प्रार्थना

हाथ जोड़ लें और कहें :- हे रेकी मैं आपका आभारी हूँ की आपने मुझे अपना माध्यम चुना | मैं अपने माता पिता का आभारी हु | मैं अपने गुरु जनों का आभारी हूँ | मैं अपने भाइयों का आभारी हूँ | मैं अपने बहनों का आभारी हूँ | मैं सारे रिश्तेदारों का आभारी हूँ | मैं अपने दोस्तों का आभारी हूँ | मैं अपने दुश्मनों का आभारी हूँ | मैं पशु पक्षिओं का आभारी हूँ | मैं पेड़ पौधों का आभारी हूँ | मैं उन सबका आभारी हूँ जो मेरे साथ हैं , और उनका भी जो मेरे साथ नहीं हैं | हे रेकी मैं सबका आभारी हूँ | हे रेकी आइये मेरी मदद करिए  | हे रेकी आइये मेरी मदद करिए | हे रेकी आइये मेरी मदद करिए ||

उसके बाद ऐसी भावना करें की बहुत ही तेज सफ़ेद प्रकाश का बीम ब्रह्माण्ड से हमारे सहस्त्रार चक्र में प्रवेश कर रहा है |

इस समय जिन्हें दूसरी डिग्री मिल चुकी है वो प्राप्त तीनो सिम्बल्स को अपने सहस्त्रार या आज्ञा चक्र पे बनाएं और जो मास्टर हैं वो चारो सिंबल बनाएं | इन सिंबल का रंग वोइलेट या सुनहरा हो सकता है | अब ग्राउंडिंग करें

ग्राउंडिंग ( Earthing )

ग्राउंडिंग मतलब अर्थिंग . जो भी नकारात्मक उर्जा अपने अंदर हैं या कम अधिक ऊर्जा है उसे अर्थिंग करते हैं | रेकी का तीव्र सफ़ेद प्रकाश जो सहस्त्रार से प्रवेश कर रहा है उसे सारे चक्रों से प्रवाहित करते हुए निचे लायें | साथ ही ये भावना करें की जो भी नकारत्मक उर्जा है उसे रेकी अपने साथ निचे ले जा रहा है | जिस तरह से पीपल का जड़ का जाल जमीन के अंदर फैला हुआ रहता है वैसे ही आपसे जुड़े जड़ पृथ्वी के कोर तक जा रही है , शरीर की अनावश्यक उर्जा इन्ही जड़ो से कोर तक जाकर नष्ट हो जा रही है | पृथ्वी के कोर का तापमान बहुत ज्यादा होता है , वहां सारी नकारात्मकता नष्ट हो जाती है |

रेकी का घेरा :- नकारात्मक उर्जा से बचाव

इसके बाद अपने औरा को बाहर मौजूद नकारात्मकता से बचाने के लिए तीव्र प्रकाश का घेरा बनाएं | जिस तरह आपने ग्राउंडिंग करते समय रेकी को चक्रों से गुजारा था वैसे ही गुजारते हुए अपने चारो तरफ तीव्र प्रकाश की भावना करें | ये प्रकाश इतना तीव्र होगा की आपके आस पास की कोई भी वस्तु नजर नहीं आएगी | ऐसी भावना करें की इस घेरे में अब कोई भी नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पायेगी |
चिकित्सा :-

अब रेकी से प्रार्थना करें की – हे रेकी अब आप “अमुक” व्यक्ति को स्वस्थ करें | या कोई ख़ास प्रॉब्लम हो तो उसका वर्णन करें की रेकी आप अमुक की ये बिमारी को ठीक करें , इन्हें स्वस्थ करें | सेशन कम से कम 15 – 30 मिनट का होना ही चाहिए | बीमार व्यक्ति का भी उपर बताये गये विधि से ग्राउंडिंग करना चाहिए और औरा का घेरा बनाना चाहिए |

अब आप चिकित्सा प्रारंभ कर सकते हैं |

रेकी को धन्यवाद ( Thanks to Reiki )

onkar kumar
I am a software enginner in an MNC with deep interest in spiritual stuffs . I have knowledge of healing such as Reiki , Prana voilet healing , Crystal healing etc .
I am Reiki Grand master , love meditation and inspire everyone to experience peaceful and blissful life .
It would be awesome if you would share your knowledge and experience . Thank you .